राजा शर्मा ने घरघोड़ा नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस से टिकट की ठोकी दावेदारी

स्वच्छ छवि और व्यापक अनुभव का दिया हवाला, विकास के लिए बड़े वादे
घरघोड़ा। नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए राजनीति के जमीनी योद्धा और कांग्रेस के समर्पित सिपाही राजा शर्मा ने कांग्रेस से टिकट की जोरदार मांग कर घरघोड़ा की राजनीति में हलचल मचा दी है।

कांग्रेस के नव नियुक्त जिला अध्यक्ष नागेंद्र नेगी को आवेदन सौंपते हुए शर्मा ने खुद को एक निष्ठावान, स्वच्छ और परिणामोन्मुख नेता के रूप में पेश किया। उनका कहना है कि यदि जनता और पार्टी का समर्थन मिला तो वे घरघोड़ा की तस्वीर बदलकर रख देंगे।
कांग्रेस के मजबूत सिपाही, संघर्षों से भरा है सफर
राजा शर्मा 1991-92 से कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय हैं। वे एनएसयूआई के पदाधिकारी, युवा कांग्रेस के नगर अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष और जिला महामंत्री जैसे पदों पर रहकर संगठन को मजबूती प्रदान कर चुके हैं। किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री के रूप में किसानों की समस्याओं के लिए संघर्ष करते हुए उन्होंने अपनी गहरी छाप छोड़ी। मरवाही उपचुनाव में लोहारी सेक्टर के प्रभारी रहते उन्होंने कांग्रेस की विजय सुनिश्चित की।
विशेष बात यह है कि राजा शर्मा

को कांग्रेस के दिवंगत दिग्गज नेता चनेश राम राठिया और नंदकुमार पटेल का आशीर्वाद प्राप्त था। पार्टी के भीतर उनकी छवि निष्ठावान और स्वच्छ कार्यकर्ता के रूप में है।
“दरी पर बैठकर करूंगा जनता की सेवा” – राजा शर्मा
राजा शर्मा ने जनता के प्रति अपने समर्पण को रेखांकित करते हुए चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि वे नगर पंचायत अध्यक्ष चुने जाते हैं, तो न केवल वेतन त्याग देंगे, बल्कि जनता की समस्याएं सुनने के लिए नगर पंचायत भवन में कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। “मैं दरी पर बैठकर हर व्यक्ति की समस्या सुनूंगा और उसका समाधान करूंगा। मेरा उद्देश्य केवल जनता की सेवा है, पद का सुख भोगना नहीं,” उन्होंने दृढ़ता से कहा।
घरघोड़ा के विकास का वादा, राजनीति को देंगे नई दिशा
राजा शर्मा ने जोर देकर कहा कि यदि उन्हें टिकट मिलता है और जनता का समर्थन मिलता है, तो वे घरघोड़ा में विकास की नई लहर चलाएंगे। “यह चुनाव केवल सत्ता प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि घरघोड़ा के भविष्य को संवारने के लिए है। मैं हर वर्ग के लिए काम करूंगा और घरघोड़ा को विकास के मामले में एक मॉडल नगर बनाऊंगा।”
उनकी इस स्पष्ट और प्रभावशाली दावेदारी ने कांग्रेस के भीतर और घरघोड़ा के राजनीतिक गलियारों में चर्चा को गरमा दिया है। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस पार्टी इस स्वच्छ और निष्ठावान चेहरे पर भरोसा जताती है या नहीं।



